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Saturday, 5 August 2017

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चाय न केवल एक पेय है, बल्कि यह हमारे देश की संस्कृति का एक अंग है। घर आए मेहमान का स्वागत चाय पिलाकर करना हमारी सभ्यता में शुमार है। भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों में चाय पिलाने का रिवाज है। 

एक प्याला बढ़िया चाय सुबह उठते ही मिल जाए तो एक नया जोश, नई उमंग मिला जाती है। चाय पीने से हम तरोताजा तो महसूस करते ही हैं साथ ही आलस्य भाग जाता है। नई चुस्ती-फुर्ती आ जाती है।

* चाय पत्ती को हमेशा उबलते पानी में डालें, इससे उसका रंग और फ्लेवर (खुशबू) ठीक तरह से आएगा। 

* दूध और शक्कर की मात्रा अपने स्वादानुसार डालकर एक बार और उबालिए। 

* बहुत ज्यादा उबालने से चाय का स्वाद कड़वा हो जाता है। अत: चाय बनाते वक्त समय का ध्यान रखें।

* अगर आप लाइट चाय का स्वाद पसंद करते हैं तो पत्तीदार चाय का प्रयोग करें। 

* कड़क चाय के लिए बारीक चाय का इस्तेमाल करें। 

* जो सबसे ज्यादा प्रचलन में है, गुलाबी चाय के लिए दानेदार चाय काम में लें। 

* चाय की पत्ती कई तरह की मिलती है, जैसे (बारीक चाय) चाय का चूरा, दानेदार चाय या बड़ी पत्ती वाली चाय।

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प्याज-लहसुन का उपयोग

- प्याज काटने से पहले चाकू को थोड़ा गर्म कर लें। फिर प्याज काटे, इससे आपकी आंखों में आंसू नहीं आएंगे। 

- गार्निशिंग के लिए प्याज ब्राउन करते समय उसमें एक चुटकी शक्कर या फिर नमक मिलाने से वे जल्दी ब्राउन होंगे। 

- कुछ घंटों के लिए लहसुन को पानी में भिगो देने से उसे छिलने में आसानी होगी। 

- लहसुन को छिल लें। इसे तेल वाले जार में भर कर रखें। इस फ्लेवर्ड ऑयल का उपयोग सलाद और सिजनिंग में कर सकते हैं। 

- जब आप प्रेशर कुकर इस्तेमाल कर रहे हो, तब उसकी लिड पर लहसुन की कलियां दस मिनट के लिए रख दें। छिलके आसानी से उतर जाएंगे।

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कैसे बनाएं खस्ता बाटी?

मुलायम बाटी बनाने के आसान टिप्स

बाटी बनाना बहुत बड़ा काम नहीं है। बस नीचे दिए गए आसान टिप्स आजमाए और बनाएं मुलायम व खस्ता बाटी - 

* बाटी या बाफले बनाते समय हमेशा मोटा आटा इस्तेमाल करें। अगर पूरा मोटा आटा न हो तो आधा सादा और आधा डेढ़ इंची (मोटा) आटा इस्तेमाल करें। 

* बाटी बनाते समय उसमें पाव कटोरी दही का इस्तेमाल अवश्य करें। 

* बाटी का आटा गूंथते समय नमक और मोयन के साथ थोड़ी-सी शक्कर बुरका देने से बाटी खिली-खिली बनती है।

* बाटी बनाते समय मोयन अवश्य डालें। घी या तेल दोनों में से कुछ भी चल सकता है।

* बाटी बनाते समय अपनी पसंदानुसार उसमें अजवाइन, जीरा या सौंफ अवश्य डालें। इससे बाटियों का स्वाद बढ़ जाएगा। 

* बाटी का आटा गूंथने के लिए हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।

* बाटी बनाने से आटा-एक घंटा पूर्व आटा गूंथकर रख लें।

* बाटी को ओवन में धीमी आंच पर सेकें। 

* बाटी को घी चुपड़ते समय गरमा-गरम बाट‍ी को पहले कपड़े से पकड़ कर हाथ से दबा दें और बीच में दो हिस्से हो जाने पर ही उसे घी में डुबोएं।

विशेष :

उपरोक्त आसान टिप्स अपना कर अगर आप बाटी या बाफले बनाएंगी, तो निश्चित तौर पर आपकी बाटी खस्ता बनेगी और घर आए मेहमान आपकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे।