Friday, 11 August 2017
เคฎंเคค्เคฐो เคธे เคเคฐे เคฎเคงुเคฎेเคน เคा เคเคฒाเค, cure diabetoes by using mantras
डायबिटीज रोग कैसा होता है, यह तो इससे पीड़ित रोगी ही अच्छी तरह समझ सकते हैं। दिखने में तो यह सामान्य है, लेकिन जब यह उग्र रूप धारण कर लेता है, तो व्यक्ति अनेक प्रकार की बिमारियों से घिर जाता है तथा मृत्यु के समान कष्ट पाता है। इसी कारण इसको खतरनाक बिमारी कहा गया है। आप इस रोग का पूर्ण समाधान प्राप्त कर सकते है, यदि आप दवाओं के साथ साथ इस प्रयोग को भी संपन्न कर लें।
रविवार के दिन पूर्व दिशा की ओर मुख कर सफेद आसन पर बैठ जाएं। सर्वप्रथम गुरु पूजन संपन्न करे तथा गुरूजी से पूर्ण स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त करें। इसके पश्चात सफेद रंग के वस्त्र पर कुंकुम से स्वस्तिक बनाकर उस पर 'अभीप्सा' को स्थापित करे दें, फिर उसके समक्ष १५ दिन तक नित्य मंत्र का ८ बार उच्चारण करें -
मंत्र
॥ ॐ ऐं ऐं सौः क्लीं क्लीं ॐ फट ॥
प्रयोग समाप्ति के बाद 'अभीप्सा' को नदी मैं प्रवाहित कर देन
เคชैเคธो เคฎे เคฌเคฐเคเคค เคे เคฒिเค เคเคฐे เคฏे เคोเคे เคธे เคเคชाเคฏ
हर कोई यहीं चाहता है कि उसका ये नया साल अच्छा गुजरे। धन-धान्य की कमी न हो और सुख-शांति से जीवन गुजरें| इन सभी इच्छाओं को पूरा करने के लिए धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना बहुत आवश्यक है।
अगर आप भी धन की देवी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आज यह उपाय करें। टोटका किसी भी कांसे या पीतल की थाली में काजल लगाकर उसे काली कर दें और फिर चांदी की डण्डी से उस पर लक्ष्मीजी का चित्र बनाएं। फिर उस चित्र पर ऐश्वर्य लक्ष्मी यंत्र स्थापित कर दें और सिर्फ एक सफेद धोती पहनकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके सामने गेहूं के आटे के चार दीपक बनाएँ और उसमें तेल डाल कर जला लें।
थाली के चारों कोनों पर रखे मूंगे की माला से इस मंत्र का 51 माला जाप करें।
मंत्र- ऊँ ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं ह्रीं ह्रीं फट्
जब मंत्र पूरा हो जाए तो रात्रि में वहीं जमीन पर ही सो जाएं। सुबह जब घुंघरुओं की आवाज सुनें तो समझ लें कि लक्ष्मी का आगमन आपके घर हो गया है। फिर कभी आपको धन संबंधी परेशानी नहीं होगी।
เคँเค เคे เคाเคฒे เคฎोเคคिเคฏ เคा เคคांเคค्เคฐिเค เคเคชाเคฏ
आँखों में यदि काला मोतिया हो तो ताम्बे के पात्र में जल लेकर उसमें ताम्बे का सिक्का व गुड डालकर प्रतिदिन सूर्य को अर्ध्य दें। यह उपाय शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार से शुरू कर चौदह रविवार करें। अर्ध्य देते समय रोग से मुक्ति की प्रार्थना करते रहें। इसके अतिरिक्त पांच प्रकार के फल लाल कपडे में बांधकर किसी भी मन्दिर में दें। यह उपाय निष्ठापूर्वक करें, लाभ होगा।