Jeevan dharam

Krishna sakhi is about our daily life routine, society, culture, entertainment, lifestyle.

Tuesday, 18 February 2020

เคจौเค•เคฐी เคต เคต्เคฏाเคชाเคฐ เคฎें เค‰เคจ्เคจเคค्เคคि เค•े เค…เคšूเค• เคŸोเคŸเค•े ||

No comments :

नौकरी व व्यापार में उन्नत्ति के अचूक टोटके ||

कभी- कभी ग्रहों की दशाओं के कारण व्यक्ति की नौकरी और व्यापार में रूकावट आ जाती है | दिखाई देने वाले कारण कुछ भी हो सकते है किन्तु कहीं न कहीं इन कारणों के पीछे ग्रहों का प्रभाव भी होता है | ग्रहों के अनुकूल होने पर जीवन में सभी कार्य बनते चले जाते है | फिर चाहे वो नौकरी हो , व्यापार हो या  फिर विवाह में हो रहा विलंभ |



इसके विपरीत यदि ग्रह आपके अनूकुल नहीं है तो समय -समय पर आपको मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है | आज हम आपको कुछ ऐसे टोटके बताने जा रहे है जिनके करने से आप नौकरी व व्यापार  की उन्नत्ति में हो रही रूकावट को दूर कर सकते है  :

⇒  किसी शुक्रवार के दिन, थोड़ी मात्रा में गुड़ और चने लेकर उसमें खट्टी- मीठी बच्चों के खाने वाली टोफियाँ मिला लें  अब इसे 8 बच्चों को बाँट दे , ध्यान दे सभी बच्चों की आयु 8 वर्ष से कम होनी चाहिए | इस प्रयोग को 8 शुक्रवार तक करना है | बीच के दिनों में करने की आवश्यकता नहीं है | यह प्रयोग सिर्फ शुक्रवार वाले दिन ही करें | आठ शुक्रवार पूरे होने से पहले ही आपको अपनी नौकरी या व्यापर में उन्नति के लक्षण दिखने लगेंगे |

|| व्यवसाय में वृद्धि के उपाय ||

⇒   व्यवसाय वृद्धि के लिए :-  शनिवार के दिन पीपल का पत्ता लेकर उसे अच्छे से धो ले और धुप – दीप दिखाकर उसे जहाँ आप अपनी दुकान पर बैठते है उस आसन के नीचे रख दे | इस क्रिया को सात शनिवार तक करें | जैसे ही सात शनिवार पूरे हो जाते है आप इन सभी पत्तों को लेकर किसी नहर या बहते पानी में डाल दे | इस प्रकार करने से आपका व्यापार चलने लगेगा |

⇒  कपूर और रोली को जलाकर उसकी राख बना ले | अब राख को आप किसी डिब्बी में डालकर बंद कर दे | इस डिब्बी को आप अपने व्यापार में जहा पैसे रखते है उस स्थान पर रख दे | व्यापार में लाभ मिलेगा |

⇒   रविवार के दिन एक साफ़ पात्र में गंगाजल लेकर उसे गायत्री मंत्र से 21 बार जाप कर जल में फूंक लगाकर अभिमंत्रित कर ले | प्रत्येक मंत्र के बाद आप जल में फूंक लगायें | अब इस जल को आप अपनी दुकान या कारखाना जो भी हो सभी जगह पर छिड़क दे | शौचालय जैसी जगहों को छोड़ दे | इस प्रकार यह कार्य आप 7 रविवार तक करें | आपके व्यापार में वृद्धि होने लगेगी |



⇒   सुबह – सुबह अपने व्यवसाय पर जाने से पहले अपने ईष्ट देव का नाम लेकर परफ्यूम लगाकर जाने से भी व्यापार अच्छा चलता है |

⇒   एक चांदी की कटोरी में चांदी के ही गणेश जी और लक्ष्मी जी स्थापित करें | अब इसे अपने व्यापर के या दुकान के पूर्व दिशा में स्थापित कर दे | रोज सुबह -सुबह इनके सामने दूप -दीप करें आपके व्यापार में वृद्धि होने लगेगी |

⇒   मिट्टी के चार बर्तन ले ले, अब इनमे से एक बर्तन में काले तिल , दुसरे में जौ , तीसरे बर्तन में साबुत हरे मूंग और चौथे बर्तन में पीली सरसों भरकर रख दे  | अब इन चारों बर्तन को दुकान में कहीं पर भी रख दे | एक साल तक इन्हें इसे ही रखे रहने दे | एक साल बाद इनको  कहीं बहते पानी में विसर्जित कर दे |  यदि आपके व्यसाय में ग्राहक नही आ रहे है या आपकी दुकान में भी ग्राहक नही आ रहे है तो इस टोटके का प्रयोग अवश्य करें |

|| नौकरी में उन्नत्ति के लिए ||

⇒   नौकरी में उन्नत्ति के लिए :  प्रतिदिन सुबह -सुबह सूर्यदेव को जल चढ़ाये | और जल अर्पित करते समय  गायत्री मंत्र का जाप भी करें | ऐसा करने से सूर्य से मिलने वाली उर्जा का आप पर सकारात्मक प्रभाव आने लगेगा और आपकी नौकरी में उन्नति के दरवाजे खुलने लगेंगे |

⇒   शनि देव हमारे कर्मो का फल देने वाले देव माने जाते है | इसलिए यदि आप चाहते है नौकरी में उन्नति करना तो आज से ही प्रत्येक   शनिवार को शनिदेव की पूजा पूरे विधि -विधान अनुसार करना आरम्भ कर दे | सात मुखी रुद्राक्ष धारण करें | और शनिदेव के मंत्र का जाप करें :   “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनिश्चराय नमः” |

⇒   सात प्रकार के अनाज को मिलाकर घर पर रख ले | अब इनमे से प्रतिदिन थोडा -थोडा अनाज पक्षियों को खिलाये | इस प्रकार करने से सभी गृह दोष शांत होकर नौकरी में आने वाली सभी कठिनाइयाँ समाप्त हो जाती है |

⇒   सुबह घर से नौकरी पर जाते समय एक रोटी साथ लेकर जाये और रस्ते में किसी गाय को खिला दे | ऐसा करने से आपको नौकरी में जल्द ही प्रोमोशन मिलता है |


Karz Mukti ke upay เค•เคฐ्เคœ เคธे เค›ुเคŸเค•ाเคฐा เคชाเคจे เค•े เค‰เคชाเคฏ : –

No comments :

Karz Mukti ke upay कर्ज से छुटकारा पाने के उपाय : –

बुधवार को सुबह नहाने के बाद खाली पेट गाय को हरा चारा खिलाये | यह प्रयोग लगातार तब तक करते रहे जब तक कि कर्ज के लिए परिस्तिथियाँ अनुकूल न हो जाये |
लगातार 2 मंगलवार को हनुमान जी को चौला चढ़ाये | और हनुमान जी के चरणों से सिन्दूर लेकर माथे पर टीका लगाये | इसके साथ – साथ नियमित रूप से हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें |
प्रतिदिन लाल मसूर की दाल का दान करें | इस प्रयोग से कर्ज धीरे -धीरे कम होने लगता है |
भगवान श्री गणेश , रिद्धि -सिद्धि देने वाले देव कहलाते है | इसलिए नियमित रूप से उनकी पूजा करने से और दूर्वा व मोदक का भोग लगाने से कर्ज से मुक्ति मिलती है |
पांच गुलाब के ताजा फूल लेकर इन्हें 7 बार गायत्री मंत्र द्वारा अभिमंत्रित कर इसे एक सफ़ेद कपडे में बांधकर किसी नदी या बहते हुए जल में प्रवाहित कर दे | कर्ज चुकाने के द्वारा खुलने लगेंगे |
सर्व सिद्धि बीसा यन्त्र धारण करने से भी क़र्ज़ से मुक्ति मिलती है |
शनिवार के दिन घर की चौखट पर घोड़े की नाल को अभिमंत्रित कर लगाना चाहिए |
मंगलवार को किसी निकट के शिवमंदिर में जाकर शिवलिंग पर मसूर की दाल और जल अर्पित करे और साथ ही इस मंत्र का जाप भी करें ” ॐ ऋण मुक्तेश्वर महादेवाय  नमः ” |
शनिवार के दिन एक मिट्टी के दिए में सरसों का तेल भरकर इसे अच्छे से ढक दे | अब इस दिए को किसी तालाब या नदी के किनारे थोडा गड्डा खोदकर दबा दे | यह भी एक परीक्षित प्रयोग है कर्ज से शीघ्र मुक्ति पाने का |
कर्ज से जल्द छुटकारा पाने हेतु ऋणमोचन मंगल स्त्रोत का पाठ भी करना चाहिए |
इन सब उपायों के अतिरिक्त आप पूजा के समय इन मंत्रो की एक माला का जाप कर अपने कर्ज से मुक्ति (karz mukti ke upay) पा सकते है :

|| ॐ ऋण मुक्तेश्वर महादेवाय  नमः ||

|| ॐ मंगलमूर्तये नमः ||

||ॐ गं ऋणहर्तायै नमः  ||


เคฐाเคนु เค•े 38 เค‰เคชाเคฏ

No comments :
เคฐाเคนु เค•ो เค›ाเคฏा เค—्เคฐเคน เค•เคนा เคœाเคคा เคนै, เค”เคฐ เคถ्เคฐीเคฎเคฆเคญाเค—เคตเคคเคฎเคนाเคชुเคฐाเคฃ เคฎें เคคो เคถुเค•เคฆेเคตเคœी เคจे เคธ्เคชเคท्เคŸ เคตเคฐ्เคฃเคจเค•िเคฏा เค•ि เคฏเคน เคธूเคฐ्เคฏ เคธे 10 เคนเคœाเคฐ เคฏोเคœเคจ เคจीเคšे เคธ्เคฅिเคค เคนै,เค”เคฐ เคถ्เคฏाเคฎ เคตเคฐ्เคฃ เค•ी เค•िเคฐเคฃें เคจिเคฐเคจ्เคคเคฐ เคชृเคฅ्เคตी เคชเคฐเค›ोเคกเคคा เคฐเคนเคคा เคนै, เคฏเคน เคฎिเคฅुเคจ เคฐाเคถि เคฎें เค‰เคš्เคš เค•ा เคนोเคคा เคนै,เคงเคจु เคฐाเคถि เคฎें เคจीเคš เค•ा เคนो เคœाเคคा เคนै, เคฐाเคนु เค”เคฐ เคถเคจि เคฐोเค—เค•ाเคฐเค• เค—्เคฐเคน เคนै, เค‡เคธเคฒिเคฏे เคฏเคน เค—्เคฐเคน เคฐोเค— เคœเคฐूเคฐ เคฆेเคคा เคนै। เค•ाเคฒा เคœाเคฆू เคคंเคค्เคฐ เคŸोเคจा เค†เคฆि เคฏเคนी เค—्เคฐเคน เค…เคชเคจे เคช्เคฐเคญाเคต เคธेเค•เคฐเคตाเคคा เคนै। เค…เคšाเคจเค• เค˜เคŸเคจाเค“ं เค•े เค˜เคŸเคจे เค•े เคฏोเค— เคฐाเคนु เค•ेเค•ाเคฐเคฃ เคนी เคนोเคคे เคนै, เค”เคฐ เคทเคท्เคŸांเคถ เคฎें เค•्เคฐूเคฐ เคนोเคจे เคชเคฐ เค—्เคฐเคฆ्เคฏ เคฐोเค—เคนो เคœाเคคे เคนै। เคฐाเคนु เคฌ्เคฐเคน्เคฎाเคฃ्เคก เค•ा เคฆृเคถ्เคฏ เคฐूเคช เคนै।

เคฐाเคนु เค•ी เคฆเคถा เคธे เคฎुเค•्เคคि เค•े เค‰เคชाเคฏ

เคถเคจिเคตाเคฐ เค•े เคฆिเคจ เคธूเคฐ्เคฏ เค‰เคฆเคฏ เคธे เคชूเคฐ्เคต เคฆो เคฎोเคฐ เคชंเค– เคฒे เค•เคฐ เค†เคฏेंเคชंเค– เค•े เคจीเคšे เคญूเคฐे เคฐंเค— เค•ा เคงाเค—ा เคฌाँเคง เคฒेँ เคเค• เคฅाเคฒी เคฎेंเคชंเค–ों เค•े เคธाเคฅ เคฆो เคธुเคชाเคฐिเคฏाँ เคฐเค–ें เค—ंเค—ाเคœเคฒ เค›िเคก़เค•เคคे เคนुเค 21เคฌाเคฐ เคฏे เคฎंเคค्เคฐ เคชเคข़ें "เฅ เคฐाเคนเคตे เคจเคฎ: เคœाเค—्เคฐเคฏ เคธ्เคฅाเคชเคฏ เคธ्เคตाเคนा:"
เคšौเคฎुเค–ा เคฆिเคฏा เคœเคฒा เค•เคฐ เคฐाเคนु เค•ो เค…เคฐ्เคชिเคค เค•เคฐें. เค•ोเคˆเคญी เคฎीเค ा เคช्เคฐเคธाเคฆ เคฌเคจा เค•เคฐ เคšเคข़ाเคं।

เคฐाเคนु เค•ा เคœाเคช เคฎंเคค्เคฐ :-
"เคŠँ เคญ्เคฐां เคญ्เคฐीं เคญ्เคฐौं เคธ: เคฐाเคนुเคตे เคจเคฎ:॥" เคฏเคน เคฎंเคค्เคฐ 18000 เคฌाเคฐ เคฐोเคœाเคจा, เคถांเคคि เคฎिเคฒเคจे เคคเค• เคœाเคช เค•เคฐเคจा เคšाเคนिเค।

เคฐाเคนु เค—्เคฐเคน เคถांเคคि เค•े เค‰เคชाเคฏ :-

1. เค…เคชเคจे เคชाเคธ เคธเคซेเคฆ เคšเคจ्เคฆเคจ เค…เคตเคถ्เคฏ เคฐเค–เคจा เคšाเคนिเค। เคธเคซेเคฆ เคšเคจ्เคฆเคจ เค•ी เคฎाเคฒा เคญी เคงाเคฐเคฃ เค•ी เคœा เคธเค•เคคी เคนै। เคช्เคฐเคคिเคฆिเคจ เคธुเคฌเคน เคšเคจ्เคฆเคจ เค•ा เคŸीเค•ा เคญी เคฒเค—ाเคจा เคšाเคนिเค। เค…เค—เคฐ เคนो เคธเค•े เคคो เคจเคนाเคจे เค•े เคชाเคจी เคฎें เคšเคจ्เคฆเคจ เค•ा เค‡เคค्เคฐ เคกाเคฒ เค•เคฐ เคจเคนाเคं।

2. เคฐाเคนु เค•ी เคถांเคคि เค•े เคฒिเค เคถ्เคฐाเคตเคฃ เคฎाเคธ เคฎें เคฐुเคฆ्เคฐाเคท्เคŸाเคง्เคฏाเคฏी เค•ा เคชाเค  เค•เคฐเคจा เคธเคฐ्เคตोเคค्เคคเคฎ เคนै।

3. เคถเคจिเคตाเคฐ เค•ो เค•ोเคฏเคฒा, เคคिเคฒ, เคจाเคฐिเคฏเคฒ, เค•เคš्เคšा เคฆूเคง, เคนเคฐी เค˜ाเคธ, เคœौ, เคคांเคฌा เคฌเคนเคคी เคจเคฆी เคฎें เคช्เคฐเคตाเคนिเคค เค•เคฐें।

4. เคฌเคนเคคे เคชाเคจी เคฎें เคถीเคถा เค…เคฅเคตा เคจाเคฐिเคฏเคฒ เคช्เคฐเคตाเคนिเคค เค•เคฐें।

5. เคจाเคฐिเคฏเคฒ เคฎें เค›ेเคฆ เค•เคฐเค•े เค‰เคธเค•े เค…เคจ्เคฆเคฐ เคคाเคฎ्เคฌे เค•ा เคชैเคธा เคกाเคฒเค•เคฐ เคจเคฆी เคฎें เคฌเคนा เคฆें।

6. เคฌเคนเคคे เคชाเคจी เคฎें เคคांเคฌे เค•े 43 เคŸुเค•เคก़े เคช्เคฐเคตाเคนिเคค เค•เคฐें।

7. เคจเคฆी เคฎें เคฒเค•เคก़ी เค•ा เค•ोเคฏเคฒा เคช्เคฐเคตाเคนिเคค เค•เคฐें।

8. เคจเคฆी เคฎें เคชैเคธा เคช्เคฐเคตाเคนिเคค เค•เคฐें।

9. เคเค• เคจाเคฐिเคฏเคฒ + 11 เคฌाเคฆाเคฎ (เคธाเคฌुเคค) เค•ाเคฒे เคตเคธ्เคค्เคฐ เคฎेंเคฌांเคงเค•เคฐ เคœเคฒ เคฎें เคช्เคฐเคตाเคนिเคค เค•เคฐें।

10. เคนเคฐ เคฌुเคงเคตाเคฐ เค•ो เคšाเคฐ เคธौ เค—्เคฐाเคฎ เคงเคจिเคฏां เคชाเคจी เคฎें
เคฌเคนाเคं।

11. เค•ुเคท्เค  เคฐोเค—ी เค•ो เคฎूเคฒी เค•ा เคฆाเคจ เคฆें।

12. เค•ाเคฒे เค•ुเคค्เคคे เค•ो เคฎीเค ी เคฐोเคŸिเคฏां เค–िเคฒाเคं।

13. เคฎोเคฐ เคต เคธเคฐ्เคช เคฎें เคถเคค्เคฐुเคคा เคนै เค…เคฐ्เคฅाเคค เคธเคฐ्เคช, เคถเคจि เคคเคฅा เคฐाเคนू เค•े เคธंเคฏोเค— เคธे เคฌเคจเคคा เคนै। เคฏเคฆि เคฎोเคฐ เค•ा เคชंเค– เค˜เคฐ เค•े เคชूเคฐ्เคตी เค”เคฐ เค‰เคค्เคคเคฐ เคชเคถ्เคšिเคฎ เคฆीเคตाเคฐ เคฎें เคฏा เค…เคชเคจी เคœेเคฌ เคต เคกाเคฏเคฐी เคฎें เคฐเค–ा เคนो เคคो เคฐाเคนू เค•ा เคฆोเคท เค•เคญी เคญी เคจเคนीं เคชเคฐेเคถाเคจ เค•เคฐเคคा เคนै, เคฎोเคฐเคชंเค– เค•ी เคชूเคœा เค•เคฐें เคฏा เคนो เคธเค•े เคคो เค‰เคธे เคนเคฎेเคถा เค…เคชเคจे เคชाเคธ เคฐเค–ें।

14. เคฐाเคค เค•ो เคธोเคคे เคธเคฎเคฏ เค…เคชเคจे เคธिเคฐเคนाเคจे เคฎें เคœौ เคฐเค–ें เคœिเคธे เคธुเคฌเคน เคชंเค•्เคทिเคฏों เค•ो เคฆें।

15. เคธเคฐเคธों เคคเคฅा เคจीเคฒเคฎ เค•ा เคฆाเคจ เค•िเคธी เคญंเค—ी เคฏा เค•ुเคท्เค  เคฐोเค—ी เค•ो เคฆें।

16. เคฐाเคนु เค—्เคฐเคน เคธे เคชीเคกि़เคคเคต्เคฏเค•्เคคि เค•ो เคฐोเคœाเคจा เค•เคฌूเคคเคฐों เค•ो เคฌाเคœเคฐे เคฎें เค•ाเคฒे เคคिเคฒ เคฎिเคฒाเค•เคฐ เค–िเคฒाเคจा เคšाเคนिเค।

17. เค—िเคฒเคนเคฐी เค•ो เคฆाเคจा เคกाเคฒें।

18. เคฆो เคฐंเค— เค•े เคซूเคฒों เค•ो เค˜เคฐ เคฎें เคฒเค—ाเคं เค”เคฐ เค—เคฃेเคถ เคœी เค•ो เค…เคฐ्เคชिเคค เคญी เค•เคฐें।

19. เค•ुเคท्เค  เคฐोเค—िเคฏों เค•ो เคฆो เคฐंเค— เคตाเคฒी เคตเคธ्เคคुเค“ं เค•ा เคฆाเคจ เค•เคฐें।

20. เคนเคฐ เคฎंเค—เคฒเคตाเคฐ เคฏा เคถเคจिเคตाเคฐ เค•ो เคšीเคŸिเคฏों เค•ो เคฎीเค ा เค–िเคฒाเคं।

21. เค…เค—เคฐ เคฐाเคนू เค†เคชเค•ी เค•ुंเคกเคฒी เคฎें 12 เคตे เค˜เคฐ เคฎें เคฌैเค ा เคนै เคคो เคญोเคœเคจ เคฐเคธोเคˆ เค˜เคฐ เคฎें เค•เคฐें।

22. เค…เคท्เคŸเคงाเคคु เค•ा เค•เคก़ा เคฆाเคนिเคจे เคนाเคฅ เคฎें เคงाเคฐเคฃ เค•เคฐเคจा เคšाเคนिเค।

23. เคœเคฎाเคฆाเคฐ เค•ो เคคเคฎ्เคฌाเค•ू เค•ा เคฆाเคจ เค•เคฐเคจा เคšाเคนिเค।

24. เค…เคชเคจे เคชाเคธ เค ोเคธ เคšाँเคฆी เคธे เคฌเคจा เคตเคฐ्เค—ाเค•ाเคฐ เคŸुเค•เคก़ा เคฐเค–ें।

25. เคถ्เคฐी เค•ाเคฒ เคนเคธ्เคคी เคฎंเคฆिเคฐ เค•ी เคฏाเคค्เคฐा।

26. เคšाเคฏ เค•ी เค•เคฎ เคธे เค•เคฎ 200 เค—्เคฐाเคฎ เคชเคค्เคคी 18 เคฌुเคงเคตाเคฐ เคฆाเคจ เค•เคฐเคจे เคธे เคฐोเค— เค•ाเคฐเค• เค…เคจिเคท्เคŸเค•ाเคฐी เคฐाเคนु เคธ्เคตाเคธ्เคฅ्เคฏ เคฒाเคญ เคช्เคฐเคฆाเคจ เค•เคฐเคคा เคนै।

27. เคจेเคค्เคฐेเคค्เคฏ เค•ोเคฃ เคฎें เคชीเคฒे เคซूเคฒ เคฒเค—ाเคฏें।

28. เค…เคชเคจे เค˜เคฐ เค•े เคตाเคฏु เค•ोเคฃ (เค‰เคค्เคคเคฐ-เคชเคถ्เคšिเคฎ) เคฎें เคเค• เคฒाเคฒ เคंเคกा เคฒเค—ाเคं।

29. เคฏเคฆि เค•्เคทเคฏ เคฐोเค— เคธे เคชीเคกि़เคค เคนों เคคो เค—ोเคฎूเคค्เคฐ เคธे เคœौ เค•ो เคงो เค•เคฐ เคเค• เคฌोเคคเคฒ เคฎें เคฐเค–ें เคคเคฅा เค—ोเคฎूเคค्เคฐ เค•े เคธाเคฅ
เค‰เคธ เคœौ เคธे เค…เคชเคจे เคฆाँเคค เคธाเคซ เค•เคฐें।

30. เคถเคจिเคตाเคฐ เค•े เคฆिเคจ เค…เคชเคจा เค‰เคชเคฏोเค— เค•िเคฏा เคนुเค† เค•ंเคฌเคฒ เค•िเคธी เค—เคฐीเคฌ เค•ो เคฆाเคจ เค•เคฐें।

31. เค…เคฎाเคตเคธ्เคฏा เค•ो เคชीเคชเคฒ เคชเคฐ เคฐाเคค เคฎें 12 เคฌเคœे เคฆीเคชเค• เคœเคฒाเคं।

32. เคถिเคตเคœी เคชเคฐ เคœเคฒ, เคงเคคुเคฐा เค•े เคฌीเคœ, เคšเคข़ाเคं เค”เคฐ เคธोเคฎเคตाเคฐ
เค•ा เคต्เคฐเคค เค•เคฐें।

33. เคฏเคฆि เคฐाเคนु เคšंเคฆ्เคฐเคฎा เค•े เคธाเคฅ เคนो เคคो เคชूเคฐ्เคฃिเคฎा เค•े เคฆिเคจ เคจเคฆी เค•ी เคงाเคฐा เคฎें เคจाเคฐिเคฏเคฒ, เคฆूเคง, เคœौ, เคฒเค•เคก़ी เค•ा เค•ोเคฏเคฒा, เคนเคฐी เคฆूเคฌ, เคฏเคต, เคคांเคฌा, เค•ाเคฒा เคคिเคฒ เคช्เคฐเคตाเคนिเคค เค•เคฐें।

34. เคฏเคฆि เคฐाเคนु เคธूเคฐ्เคฏ เค•े เคธाเคฅ เคนो เคคो เคธूเคฐ्เคฏ เค—्เคฐเคนเคฃ เค•े เคธเคฎเคฏ เค•ोเคฏเคฒा เค”เคฐ เคธเคฐเคธों เคจเคฆी เค•ी เคงाเคฐा เคฎें เคช्เคฐเคตाเคนिเคค เค•เคฐเคจा เคšाเคนिเค।

35. เค…เค—เคฐ เค†เคชเค•ी เค•ुंเคกเคฒी เคฎें เคญी เคฐाเคนु เค”เคฐ เคถเคจि เคเค• เคธाเคฅ เคฌैเค े เคนै เคคो เคฏเคน เค‰เคชाเคฏ เค•เคฐे। เคนเคฐ เคฐोเคœ เคฎเคœเคฆूเคฐों เค•ो เคคเคฎ्เคฌाเค•ु เค•ी เคชुเคกिเคฏा เคฆाเคจ เคฆे। เคเคธा 43 เคฆिเคจ เค•เคฐे เค†เคชเค•ो เค•เคญी เคฏเคน เคฏोเค— เคฌुเคฐा เคซเคฒ เคจเคนीं เคฆेเค—ा।

36. เคฏเคฆि เคฐाเคนु เคธूเคฐ्เคฏ เค•े เคธाเคฅ เคนो เคคो เคœौ เค•ो เคฆूเคง เคฏा เค—ौ เคฎूเคค्เคฐ เคธे เคงोเค•เคฐ เคฌเคนเคคे เคชाเคจी เคฎें เคฌเคนाเคฏें।

37. เคถुเค•्เคฐ เคฐाเคนु เค•ी เคฏुเคคि เคนोเคจे เคชเคฐ เคฆूเคง เคเคตं เคนเคฐे เคจाเคฐिเคฏเคฒ เค•ा เคฆाเคจ เค•เคฐें ।

38. 41 เคฆिเคจ เคคเค• 1 เคฐूเคชเคฏा เคช्เคฐเคคिเคฆिเคจ เคญंเค—ी เค•ो เคฆें।