Monday, 20 August 2018
ब्रेस्ट बेडौल क्यों है बनाए ये तेल -
लोगो की मांग थी कि कोई येसा तेल बताये जो आपके स्तन को सुडौल और पुष्ट और सही आकार में ला सके बहुत सी महिलाओं को नवजात शिशु को स्तन पान कराने से उनके स्तन बेडौल हो जाते है उनके लिए कुछ ख़ास उपाय है करे -
सामग्री :-
अरंडी के पत्ते - 50 ग्राम
इन्द्रायन की जड़ - 50 ग्राम
गोरखमुंडी - 50 ग्राम
पीपल वृक्ष की अन्तरछाल - 50 ग्राम
घीग्वार (ग्वारपाठा) की जड़ - 50 ग्राम
सहिजन के पत्ते - 50 ग्राम
अनार की जड़ और अनार के छिलके - 50-50 ग्राम
खम्भारी की अन्तरछाल - 50 ग्राम
कूठ और कनेर की जड़ - 50-50 ग्राम
केले का पंचांग - 10-10 ग्राम (फूल, पत्ते, तना, फल व जड़)
सरसों व तिल का तेल - 250-250 मिलीग्राम
शुद्ध देशी कपूर - 15 ग्राम
बनाने की विधि :-
आप इन सब द्रव्यों को मोटा-मोटा कूट-पीसकर 5 लीटर पानी में डालकर उबालें। जब पानी सवा लीटर बचे तब उतार लें। इसमें सरसों व तिल का तेल डालकर फिर से आग पर रखकर उबालें। जब पानी जल जाए और सिर्फ तेल बचे, तब उतारकर ठंडा कर लें, इसमें शुद्ध कपूर मिलाकर अच्छी तरह मिला लें। बस दवा तैयार है-
कैसे प्रयोग करे :-
इस तेल को नहाने से आधा घंटा पूर्व और रात को सोते समय स्तनों पर लगाकर हलके-हलके मालिश करें। इस तेल के नियमित प्रयोग से 2-3 माह में स्तनों का उचित विकास हो जाता है और वे पुष्ट और सुडौल हो जाते हैं। ऐसी युवतियों को तंग चोली नहीं पहननी चाहिए और सोते समय चोली पहनकर नहीं सोना चाहिए। इस तेल का प्रयोग लाभ न होने तक करना चाहिए-
एक और प्रयोग :-
जैतून का तेल- 100 मिली
कड़वे बादाम का तेल- 100 मिली
काशीशादि तेल - 100 मिली (सभी आयुर्वेदिक दूकान से ले )
तीनो लेकर एक प्याली में थोडा-थोडा ब्रेस्ट की हल्के हाथों से गोलाई में मालिश करें। इस तेल का प्रभाव के आने में दो से तीन माह लग जाते हैं लेकिन बहुत दिनों तक स्थायी रहने वाला प्रभाव मिलता है-
अन्य और प्रयोग :-
छोटी कटेरी नामक वनस्पति की जड़ व अनार की जड़ को पानी के साथ घिसकर गाढ़ा लेप करें। इस लेप को स्तनों पर लगाने से कुछ दिनों में स्तनों का ढीलापन दूर हो जाता है-
बरगद के पेड़ की जटा के बारीक नरम रेशों को पीसकर स्त्रियां अपने स्तनों पर लेप करें तो स्तनों का ढीलापन दूर होता है और कठोरता आती है-
स्तनों की शिथिलता दूर करने के लिए एरण्ड के पत्तों को सिरके में पीसकर स्तनों पर गाढ़ा लेप करने से कुछ ही दिनों में स्तनों का ढीलापन दूर हो जाता है। कुछ व्यायाम भी हैं, जो वक्षस्थल के सौन्दर्य और आकार को बनाए रखते हैं-
असगंध और शतावरी को बारीक पीसकर चूर्ण बनाकर लगभग 2-2 ग्राम की मात्रा में शहद के खाकर ऊपर से दूध में मिश्री को मिलाकर पीने से स्तन आकर्षक हो जाते हैं-
कमलगट्टे की गिरी यानी बीच के भाग को पीसकर पाउडर बनाकर दही के साथ मिलाकर प्रतिदिन 1 खुराक यानी लगभग 5 ग्राम के रूप में सेवन करने से स्तन आकार में सुडौल हो जाते हैं-
गम्भारी की छाल 100 ग्राम व अनार के छिलके सुखाकर कूट-पीसकर महीन चूर्ण कर लें। दोनों चूर्ण 1-1 चम्मच लेकर जैतून के इतने तेल में मिलाएं कि लेप गाढ़ा बन जाए। इस लेप को स्तनों पर लगाकर अंगुलियों से हलकी-हलकी मालिश करें। आधा घंटे बाद कुनकुने गर्म पानी से धो डालें-
फिटकरी 20 ग्राम, गैलिक एसिड 30 ग्राम, एसिड आफ लेड 30 ग्राम, तीनों को थोड़े से पानी में घोलकर स्तनों पर लेप करें और एक घंटे बाद शीतल जल से धो डालें। लगातार एक माह तक यदि यह प्रयोग किया गया तो 45 वर्ष की नारी के स्तन भी नवयौवना के स्तनों के समान पुष्ट हो जाएंगे-
Saturday, 2 September 2017
शराब छुड़ाने के अचूक टोटके, Sharab Chudane ke achuk Totke
Sharab Chudane ke achuk Totke
यदि कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा शराब पीता है तो उसकी पत्नी मंगल या शनिवार को चरखा चलाए और मन ही मन में बजरंग बलि से अपने पति की शराब की आदत छुड़वाने की प्रार्थना करें ।।
यदि कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा शराब पीता है और उसके घर वाले चाहते है कि उसकी शराब छूट जाये तो उसकी पत्नी बिलकुल चुपचाप अपने पैरों के बिछुए को पानी से धो ले फिर पति की शराब की बोतल में से थोड़ी सी शराब किसी शीशी में लेकर उसमें अपने बिच्छुए डाल दे, यह बात वह किसी को भी नहीं बताये। फिर एक दो दिन के बाद उस शराब से अपना बिछुआ निकाल कर उस शराब को दूसरी किसी शराब की बोतल में डाल दें। ऐसा पांच मंगलवार या शनिवार करने से पति शराब से तौबा करने लगेगा ।
एक अन्य उपाय भी आजमा सकते है । शुक्ल पक्ष के पहले शनिवार को सुबह सवा मीटर काला कपड़ा तथा सवा मीटर नीला कपड़ा लेकर इन्हे एक-दूसरे के ऊपर रखकर इसके उपर 800 ग्राम कच्चे कोयले, 800 ग्राम काली साबूत उड़द, 800 ग्राम जौ एवं काले तिल, 8 बड़ी कीलें तथा 8 सिक्के रखकर उसकी एक पोटली बांध लें। फिर जिस व्यक्ति की शराब छुड़वाना है उसकी लंबाई से आठ गुना अधिक लम्बा काला धागा लेकर उसे एक जटा वाले नारियल पर लपेट दें ।
* इस नारियल के ऊपर काजल का तिलक लगाकर उसे धूप-दीप अर्पित करके उस व्यक्ति की शराब पीने की आदत छुड़ाने की प्रार्थना करें। उसके बाद यह सारी सामग्री किसी बहती हुई नदी में प्रवाहित कर दें। फिर उसे प्रणाम करके घर वापस आ जाएं पीछे मुड़कर बिलकुल भी न देखें। घर के अंदर प्रवेश करने से पहले अपने हाथ-पैर जरूर धो लें । उसके बाद शाम को किसी पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर तिल के तेल का दीपक लगाएं। इसे आने वाले बुधवार व शनिवार को एक बार फिर से दोहराएं। यह उपाय बिलकुल चुपचाप करें इसके बारे में किसी को भी नहीं बताएं । कुछ ही समय में अवश्य ही शराब का आदि व्यक्ति शराब छोड़ देगा ।
जो व्यक्ति अधिक शराब पीता है तो उसके घर का कोई भी सदस्य सात बताशे लेकर उन बताशों में सरसों के तेल की तीन-चार बूंदे डालकर फिर उन बताशे को हाथ से मसलकर चुपचाप घर से बाहर कहीं दूर ले जाकर फेंक दें। ऐसा 11 दिन लगातार करने से शराबी की शराब पीने की लत अवश्य ही छूट जाती है ।
एक प्रचलित टोटका है ……………जंगली कौवे के पंख को पानी में हिलाकर शराबी को 7 दिन तक पंख वाला पानी पिलाने से बड़े से बड़ा शराबी भी शराब की लत को छोड़ देता है ।
हमें उम्मीद है कि उपरोक्त बताये हुए उपायों / टोटको से आपको अपनी या किसी भी व्यक्ति की शराब की आदत को छुड़वाने में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होगी ।
शराब छुड़ाने का एक और अचूक उपाय, Sharab se chutkara pane ke upay
शराब छुड़ाने का एक और अचूक उपाय
शराब की आदत छुड़ाने के लिए खजूर बहुत अधिक सहायता देता है। इसके लिए पानी में कुछ खजूर घिसें फिर दिन में दो - तीन बार इस मिश्रण का सेवन करें। इससे शीघ्र ही शराब की आदत छूट जायगी ।
गाजर के जूस से शराब पीने की इच्छा कम होती जाती है । दिन में एक गिलास गाजर का जूस अवश्य ही पीये यह शराब को छोड़ने में बहुत सहायक होता है इससे नेत्रों की रौशनी बढ़ती है और पाचन तंत्र में भी सुधार होता है।
एक और आजमाया हुआ उपाय है शिमला मिर्च (कैप्सिकम ) लेकर जूसर से उसका रस निकाल लीजिए । इस रस का सेवन दिन में दो बार आधा आधा कप भोजन के बाद करें । इस अचूक उपाय से शराब की तलब अपने आप घटने लगती है और फिर जल्द ही पूरी तरह से समाप्त हो जाती है ।
शराब पीने वाले लोगो के शरीर मे सल्फर (SULPHUR) की बहुत ज्यादा कमी हो जाती है उसके लिए किसी भी होम्योपैथिक की दुकान से SULPHUR 200 खरीद कर इसका प्रयोग करे ये बहुत ही आसानी से शराब की लत को छुडा देता है। इसकी एक बूंद सुबह खाली पेट जीभ पर दाल लीजिये फिर आधे घंटे तक कुछ भी नहीं खाएं । ऐसा लगातार 5-6 दिन तक करें । इसके बाद हफ्ते में 2-3 बार इसे लेते रहे, लगातार डेढ़ से दो महीने तक ऐसे ही लेते रहने से बड़े बड़े पियक्कड की भी शराब की लत छूट जाती है ।
तंबाकू, गुटका,बीड़ी, सिगरेट आदि नशा करने वालो के शरीर में फास्फोरस (PHOSPHORUS) तत्व की कमी हो जाती है उसके लिए PHOSPHORUS 200 का ऐसे ही प्रयोग करे।इसके प्रयोग से तंबाकू, गुटका,बीड़ी, सिगरेट आदि सभी नशे की आदत अवश्य ही छूट जाती है।
500 ग्राम देसी अजवाइन को पीसकर उसे 7 - 8 लीटर पानी में दो दिन के लिए भिगो दें। फिर उसे धीमी आंच पर इतना पकाएं कि वह पानी लगभग 2 लीटर रह जाए। इस पानी को ठंडा होने पर छान कर किसी साफ बोतल में भर दें। अब जब भी आपकी शराब पीने की इच्छा हो आप इसे 5 - 5 चम्मच पियें । इसके सेवन में कुछ ही दिनों में शराब पीने कि आदत ख़त्म हो जाती है ।
पथरी से छुटकारा pathri se chutkara
दो बड़े चम्मच एपल साइडर विनिगर , एक छोटी चम्मच शहद को एक कप गर्म पानी में मिलाकर दिन में दो तीन बार ले | इससे 15 से 20 दिनों में ही पथरी से छुटकारा ( pathri se chutkara ) मिल जाता है |
नारियल का पानी पीने से पथरी ( pathri ) में फायदा होता है। पथरी होने पर नारियल का प्रतिदिन पानी पीना चाहिए।
करेला वैसे तो बहुत कड़वा होता है परन्तु पथरी में रामबाण ( pathri me ramban ) की तरह काम करता है। करेले में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस नामक तत्व होते हैं, जो पथरी को बनने से रोकते हैं।
पथरी होने पर दो छोटे चम्मच करेले के रस को सुबह शाम 8-10 दिन पियें इससे महीन महीन कणो में पथरी ( pathri ) टूटकर पेशाब के द्वारा बाहर निकल जाती है |
पथरी होने पर अजवाइन का अधिक से अधिक प्रयोग करें | अजवाइन के सेवन से दोहरा लाभ मिलता है, इससे पेशाब अधिक आता है और अजवाइन पथरी के कारणों को समाप्त करती है अर्थात इसके सेवन से पथरी दोबारा नहीं बनती है | प्रतिदिन प्रात: एक चम्मच अजवाइन को गर्म पानी के साथ लें | इससे एक माह में ही पथरी से छुटकारा ( pathri se chutkara ) मिलता है |
15 दाने बडी इलायची के एक चम्मच, खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री, एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम दो बार पीने से पथरी निकल जाती है।
अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होता हैं, इसलिए किडनी में स्टोन के उपचार के लिए अंगूर को बहुत ही उत्तम माना जाता है। चूँकि इनमें पोटेशियम नमक और पानी भरपूर मात्रा में होते है इसलिए अंगूर प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में भी उत्कृष्ट रूप में कार्य करता है।
पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पथरी होने पर पका हुआ जामुन खाना चाहिए।
किडनी में स्टोन को निकालने में बथुए का साग भी बहुत ही कारगर होता है। इसके लिए आप आधा किलो बथुए के साग को उबाल कर छान लें। अब इस पानी में जरा सी काली मिर्च, जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर, दिन में चार बार पीने से शीघ्र ही फायदा होता है।
आंवला पथरी में बहुत फायदा करता है। नित्य प्रातः अवाले का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।
प्याज में गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसका प्रयोग से हम किडनी में स्टोन से निजात पा सकते है। लगभग 70 ग्राम प्याज को पीसकर और उसका रस निकाल कर पियें। सुबह, शाम खाली पेट प्याज के रस का नियमित सेवन करने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।
पथरी ( pathri ) में पथरचट्टा के पत्ते अत्यंत लाभदायक है | पथरी होने पर सुबह शाम 4-5 पथरचट्टे के पत्तो को साफ करके चबा चबा कर खाएं एवं इनका रस निकाल कर पियें | इससे किसी भी तरह की पथरी गल कर निकल जाती है |
पथरी ( pathri ) में पथरचट्टा के पत्ते अत्यंत लाभदायक है | पथरी होने पर सुबह शाम 4-5 पथरचट्टे के पत्तो को साफ करके चबा चबा कर खाएं एवं इनका रस निकाल कर पियें | इससे किसी भी तरह की पथरी गल कर निकल जाती है |
पथरी के देसी नुस्खे
वर्तमान समय में पथरी की समस्या ( pathri Ki Samasya ) बहुत ही विकराल होती जा रही है। महिलाओं की अपेक्षा पुरुषो में पथरी ( pathri ) की परेशानी ज्यादा होती है ।
आयुर्वेद में किडनी में स्टोन ( Kidney me Stone ) के इलाज में कुलथी को बहुत लाभदायक माना गया है। गुर्दे की पथरी ( gurde ki pathri ) और गॉल ब्लैडर की पथरी ( Gall bladder ki pathri ) पित्ताशय की पथरी ( Pittashay ki pathri ) लिए कुल्थी अत्यंत फायदेमंद औषधि है।
कुलथी उड़द के समान होती है। यह देखने में लाल रंग की होती है, इसका सूप या इसकी दाल बना कर पथरी के रोगी को दी जाती है। कुल्थी में पथरी एवं शर्करानाशक गुण होते है। कुल्थी ना केवल वात एवं कफ का शमन करती है वरन उनको शरीर में संचय भी नहीं होने देती है। कुल्थी के नित्य सेवन से पथरी गल कर निकल जाती है ।
आयुर्वेद में कुल्थी को पथरीनाशक बताया गया है। कुलथी में विटामिन ए होता है, यह शरीर में विटामिन ए की पूर्ति करके पथरी को रोकने में मदद करती है । और यह पथरी बनने की कारण को भी समाप्त करती है, जिससे पथरी दोबारा नहीं बनती है। कुल्थी के सेवन से पथरी छोटे छोटे टुकड़ो में टूट जाती है , कुल्थी मूत्र की मात्रा और वेग बढ़ाती है जिससे पथरी पेशाब के द्वारा शरीर से आसानी से बाहर चली जाती है । इसके सेवन से मोटापा भी दूर होता है।
250 ग्राम कुल्थी को अच्छी तरह से साफ कर लें, इसमें किसी भी तरह का कंकड़-पत्थर निकाल लें। फिर इसे रात में लगभग तीन लीटर पानी में भिगो कर ढक कर रख दें। प्रात: भीगी हुई कुल्थी को उसी पानी में धीमी आग पर चार घंटे तक पकाते रहे। फिर जब यह तीन लीटर की जगह एक लीटर पानी ही रह जाए तब इसे पकाना बंद कर दें। इसके पश्चात चालीस -पचास ग्राम देशी घी में सेंधा नमक, काली मिर्च, हल्दी, जीरा आदि डाल कर इसका छौंक लगाए। अब पथरी की रामबाण दवा तैयार है।
आप इस सूप को दिन में दोपहर के भोजन के स्थान पर पी जाएं ( इसका सूप काले चनों के सूप की तरह ही लगता है।) या कम से कम 250 ग्राम पानी अवश्य पिएं। अगर 250 ग्राम पियें तो इसे दिन में दो बार पियें ।
इसके नियमित सेवन से दो सप्ताह में ही बिना ऑपरेशन के गुर्दे तथा मूत्राशय की पथरी गल कर बाहर निकल जाती है, और दोबारा कभी नहीं बनती है।
यदि दोपहर का भोजन आवश्यक लगे तो इस सूप के साथ एक रोटी लें , या मुंग की दाल के साथ इस सूप के एक घंटे बाद खाना खा सकते है।
कुल्थी की दाल को अन्य दालो की तरह ही पका कर प्रतिदिन रोटी के साथ खाने से भी पेशाब के रास्ते से पथरी टूट कर निकल जाती है।
पथरी का इलाज !
नित्य प्रात: दो चम्मच प्याज के रस को पिसी मिश्री के साथ मिलाकर पीने से केवल 20-25 दिन में ही पथरी गल कर निकल जाती है|
आप पथरी में 25 ग्राम सहजन की जड़ की छाल को लगभग 250 ग्राम पानी में उबालें फिर छान लें । फिर इसे थोड़ा गर्म रहने पर ही अपनी माता जी को पिलायें । इसको पीने से कैसी भी पथरी हो, वह कट के गल के 20-25 दिनों में ही निकल जाती है ।
इसका एक महीने तक नित्य सेवन करने से शरीर की पथरी गल कर निकल जाती है और पथरी होने के कारणों पर प्रहार होता है अर्थात भविष्य में पथरी बनने नहीं पाती है |
इस उपाय को सुबह शाम दोनों समय लगभग 11 दिन करें । इससे गुर्दे और मूत्राशय की पथरी आसानी से गल कर निकल जाती है , ह्रदय को बल मिलता है , ह्रदय के रोगों में भी लाभ मिलता है । यह बहुत ही आसान, परीक्षित, और बहुत कम खर्चे का इलाज है ।
इसको लेने के बाद एक घंटे तक कुछ भी ना लेंवे ।
यह दवा इतनी कारगर है की फिर जीवन मे कभी भी स्टोन नहीं बनेगा।
इससे कही भी स्टोन हो चने हो गोलब्लेडर मे हो या फिर किडनी मे हो, या फिर मुत्रपिंड मे , यह दवा सभी स्टोन को पिघलाकर निकाल देती है ।
आप दो महीने बाद चैक करवा लीजिए आपको पता चल जायेगा कि पथरी पूर्णतया ख़त्म हो गयी है अथवा उसका कुछ अंश बचा भी है। यह दवा का साइड इफेक्ट नहीं है | यही दवा से पित की पथरी gallbladder stones भी ठीक कर देती है ।
गलबलेडर अर्थात पित्त की पथरी में नित्य पाँच दिन तक दिन में चार गिलास सेब का ताजा निकाला हुआ जूस पियें और 5, 6 सेब भी खाएं । छठवें दिन रात में भोजन ना करें वरन शाम को एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेंधा नमक लें , उसके दो घंटे बाद पुन: एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेंधा नमक लें , उसके और दो घंटे बाद रात को सोने से पहले आधा कप जैतून या तिल के तेल का आधे कप नींबू के रस में अच्छी तरह से मिला कर सेवन करें , पथरी अवश्य ही निकल जाएगी , प्रात: शौच में आपको हरे रंग की पथरी नज़र आ जाएगी ।
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होमियोपेथी मे किसी भी होमियोपेथी के दुकान पर BERBERIS VULGARIS की देव का MOTHER TINCHER ! लेना है ये उसकी पोटेंसी हे|
अब इस दवा की 10-15 बूंदों को एक चौथाई (1/ 4) कप गुनगुने पानी मे मिलाकर दिन मे कम से कम तीन बार और अधिक से अधिक चार बार (सुबह,दोपहर,शाम और रात) लेना है । इसको लगातार एक से डेढ़ महीने तक लेते रहने से जितनी भी कही भी हो गोलब्लेडर ( gall bladder ) ,किडनी या फिर मुत्रपिंड मे हो यह दवा उन सभी पथरी को गलाकर निकल देती है ।
99% केस मे डेढ़ से दो महीने मे ही सब टूट कर निकाल देता हे कभी कभी हो सकता हे तीन महीने भी हो सकता हे लेना पड़े। तो आप दो महीने बाद सोनोग्राफी करवा लीजिए आपको पता चल जायेगा कितना टूट गया है कितना रह गया है | अगर रह गया हहै तो थोड़े दिन और ले लीजिए । यह दवा का साइड इफेक्ट नहीं है |
पथरी दोबारा भविष्य मे ना बने उसके लिए एक और होमियोपेथी दवा CHINA 1000 का उपयोग करें । इस दवा की एक ही दिन सुबह-दोपहर-शाम मे दो-दो बूंद सीधे जीभ पर डाल दीजिए । सिर्फ एक ही दिन मे तीन बार ले लीजिए फिर भविष्य कभी भी पथरी की शिकायत नहीं होगी ।
Friday, 1 September 2017
जुकाम का घरेलू उपचार-Sardi Jukam Ka Gharelu desi Ilaj Hindi
Petarolliyam Jaili
Aaram Hai Jaruri-
Bukhar Se Bachhayen-
Aam Davaon Se Karen Parhej
Bawaseer (Hemorrhoids) Ka Gharelu Ilaaj In Hindi
Pet ki Charbi Ghatne ke Tips
Pet ki Charbi Ghatne ke Tips, Gharelu Nushke tatha Tarike | Home Remedies and Tips for Stomach Fat loss
Yaha kuch pet ka motapa ghatne ke diet tips, exercises tips, lifestyle changes aur doosre tarike diye gaye hein jinhe aap dhayan se padhiye or apne jeewan mein apnaiye.Sugary foods or drinks se rakhiye parhejAap sab jante hi honge ki jayada meetha khane se kayi bimariyaan lag sakti hein jinme se motapa or diabetes mukhya hein. Meetha aapki body ke metabolism per bhi negative effect dalta hai. Dhayan dijiye agar aapka metabolism achi hai to iska arth hai ki aapki body achi tarah se calories burn kar rahi hai saral sahabdon mein keh sakte hein ki aapka sharer jama fat ko calories ke roop mein kharach karta hai jis se aapka fat loss hota hai.Sugar ka metabolism liver mein hota hai.lekin jab aap bahut adhik matra mein sugar apni body mein dalte hein to ye fat ke roop mein body mein jama ho jati hai isse kayi parkar ki doosri problems bhi ho jati hein jaise insulin resistance, metabolic problems etc.Lab studies se ye sidh ho chuka hai ki sugary drinks peene se 60 percent bacho mein motapa ki samasaya badh sakti hai. Isliye sugar or sugar drink ka upyog kam se kam kare. Coffee, tea, sport drinks, soft drinks, bazaroo fruit juices aadi ka paryog ghataye.Fruit juice ki jagah poora fruit khana faidemand hota hai kyonki isse aapko fiber milta hai. Fiber sugar ke hanikarak prabhav ko khatam karta hai.Pet ki Vasa (fat) Door karnia hai to Khub Protein Khaiye – Janiye Kyon or Kaise?App sab jante honge ki protein se bharpoor chezein khane se aapki muscles banti hein. Itna hi nahi protein aapki metabolism kriya ko bhi bhadata hai. Kya aap jante hein ki muscles tissues choti choti fat burning factories hein? Ji haan, ye factories fat ko burn karti hein saral bhasha mein yu kahe ki agar aap fit rehna chahte hein to muscles banaiye. Saath mein protein ek acha calorie burning food bhi hai. Iske alawa, ye body mein blood glucose levels ko bhi niyantrit karta hai tatha use normal banaye rakta hai. Ye dhayan rakhiye ki aapke shareer ke har pound ke liye 1 gram protein ki jarurat hoti hai.Ricotta cheese, shellfish, turkey, skinless chicken, salmon , egg aadi mein protein bharpoor matra mein paya jata hai. Tofu, doodh, soyabeans, soya milk, dal, hare matar aadi kuch ache vegetarian protein source hein,Breakfast ko Khabi na karein SkipYe baat apni fat loss diary mein note kar lijye ki breakfast yani din ka pehla aahar sabse jaruri hota hai. Subhe kiya jane wala breakfast aapko na kewal weight management me madat karta hai balki wo aapko jaruri energy dene ke saath dher sare vitamins of doosre jaroori nutrients bhi deta hai. Apne breakfast mein fat or sugar ka prayog kabhi mat kijiye. Din ki shuruvat aap bread, grains, low fat milk, dahi, hari sabjiyan, fiber rich fruits aadi kha kar kar sakte hein. Coffee aur tea ki sathan par aap green tea pee sakte hein. Green tea mein weight reducing properties ke saath anti oxidants properties bhi hoti hein yani fitness ke saath wo aapko jayada samay tak jawan rakhti hai. Isliye hum keh sakte hein ki sahi dhange se pet ka motapa hatane ke liye breakfast ek mukhya bhojan hai.- Baar baar khaiye lekin kam khaiyeKamar ki charbi burn karne ke liye agli tip ya upay yeh hai ki aap apne bhojan ko 2 ya teen baar khane ki bajaye 5 ya 6 baar mein khaye. Ek baar mein jayad bhojan khane se aapka sharer poore bhojan ko pacha (digest) nahi pata or ye indigested food fat ke roop mein aapke shareer mein store ho jata hai. Ek baar mein kam khane se aapki metabolism achi rehti hai, aapka digestion acha rehta hai, body ka energy level bana rehta hai aue aap jayada active rehte hein. Ho sake to apne diet mein protein ki matra bhadiye kyonki protein sabse dheere pachta hai or aapko lambe samay tak full (tript) rakhta hai iske phalsawroop aap kam khate hein aur fit rehte hein.Bharpoor Neend Lijiye (Take Plenty of Sleep)Neend kam lene se ya kam sone se na kewal aapka motapa bhadta hai balki aap kayi or bemariuon ke bhi shikar ho jate hein. Isliye rojana aap 7 se 9 hours ki neend jaroor lein. Neend ki kami sharer mein cortisol namak stress hormone ko bhadati hai. Hormone ki bhadi hui matra aapko khane ke liye utejit karti hai. Saath mein hi kam need aapki metabolism par vipreet (negative) asar dalti hai aur aap jante hein ki kam metabolism means weight gain. Neend aapne aap mein hi ek dawa hai jo ki weight loss se lekar kayi prakar ki jatil bimariyon ko theek karne ki shamta rakhti hai.Apna खान-पान kijye sahiJunk food, fast food, sugary food, oily food etc. se parhej kijiye. Ye foods aapke et ko bharne ke saath apke sharer mein fat bhi bharte hein. Maida or plain aate ki jagah bhusi ya chokor mila aate upyog kare. Chawal bhi sharer ko mota karte hein isliye kam se kam chawal ka upyog kijeye. Yadi aap apni diet kam karna chahte hein to use dheere dheere kam kijiye aur iske saath apni diet menu mein hari sabjiyan or taje fal ka upyog karein. Kaju dry fruit ke alawa ek muthi dry fruit roj khaiye aur aisa karne se aapke sharer ko bharpoor matra mein poshak tatwa milenge saath hi aapka weight bhi control hoga. Week mein ek din vrat karna acha mana jata hai. Vrat aapki body ki safai (detoxify) karta hai or sharer mein jama hue fat ko bhi kam karta hai.Din mein kayi baar pani peejiye or koshish kijiye ki aapki body hamesha well hydrated rahe. Paani ek natural detoxifier hai jo aapki body se hani karak tatwon ko bahar niklta hai. Pani pine se aapki twacha bhi glowing bnati hai. Kabhi bhi khana khane ke turant baad pani ka sewan na karein kyonki aisa karne se aapki pachan kriya prabhavit hogi or aapki tond bhadne lagegi. Hamesha khana khan eke 2 ghante baad pani peeyein aue yahi bahut hi jaruri ho to ek cup gunguna pani khane ke baad pee sakte hein.Ye bhi dhayan rakhiye ki khane ko kam se kam 30 baar chaba kar andar niglein. Isse aapka pachan acha hoga or constipation, fat deposition aadi samasayein (troubles) nahi hingi.Khana aaram se beth kar kijiye. Jaldi jaldi ya daudte bhagte khana khane se aapki body stress mein aa jati hai or aapka digestion slow ho jata hai aur aap jante hein ki slow digestion means weight gain.Ek baat aur, bhojan kabhi bhi gusse or stress mein nahi khana chaiye. Pehle khud ko relax karein fir aaram se beth kar bhojan karein.Alcohol, tobacco aue doosre nashile padarthon se door rahiye. Ye padarth nishchit roop se aapki health par bura asar dalte hein.Rojana karein sairAapko yeh batane ki jarurat nahi ki rojana ghumna ( daily walk) aapki sehat ki liye kitni jaroori hai. App shaam ko 45 minutes sair kijiye or ho sake to subhe shaam 25-25 minutes jaroor chaliye. Chalne ki gati beech beech mein bhadiye or har 5 minutes ke baad 1-2 minite ka aaram karein. Studies ke anusaar rojana chalne se shareer ki calories burn hoti hein. Niyamit chalne ki aadat dalne se aap kuch hi hafton mein sudol body pa sakte hein or aap lambe samay tak young dikh sakte hein.Healthy fats khaiyeUnhealthy fats khane se motapa aur charbi bhadte hein usi parkar ache essential fats khane se aapki metabolism achi rehti hai, aap lambe samay tak jeete hein or aap hamesha fit and fine bane rehte hein.Konse fats ache hein? polyunsaturated fats (especially omega-3s) jo ki machli or nuts jaise akhrot mein paye jate hein tatha monounsaturated fats jo ki olive oil (jaitun ka tel), fish oil, peanut butter mein paue jate hein.
शीघ्रपतन को रोकने के उपाय
पेट दर्द के घरेलु उपाय
1.पेट दर्द मे हींग का प्रयोग करने से पेट दर्द ठीक हो जाता है । 2 ग्राम हींग को पानी में पीसकर पेस्ट बना ले । नाभी और उसके आस-पास यह पेस्ट लगाने से पेट दर्द से निजात मिलती है।
2. अजवाइन को तवे पर सेककर काले नमक के साथ पीसकर पाउडर बनाएं। 4-5 ग्राम गर्म पानी के साथ दिन में 3 बार लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।
3. जीरे को तवे पर सेक कर और 4-5 ग्राम गर्म पानी के साथ दिन में 3 बार लें। इसे चबाकर खाने से भी पेट दर्द ठीक हो जाता है।
4. पुदिने और नींबू का रस 1-1 चम्मच लें और 1 /2 चम्मच अदरक का रस और थोडा सा काला नमक मिलाकर दिन में 3 बार लेने से पेट दर्द में से छुटकारा मिलता है।
5. सूखी अदरक मुंह में रखकर चूसने से भी पेट दर्द ठीक होता है।
6. अदरक का रस नाभी स्थल पर लगाने और हल्की मालिश करने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
7. पेट दर्द में थोड़ा सा मीठा सोडा डालकर पीने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।
8. भुना हुआ जीरा, काली मिर्च, सौंठ, लहसून, धनिया, हींग सूखी पुदीना पत्ती,सबको बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना ले और थोडा काला नमक भी मिलाएं। खाने के बाद एक चम्मच थोड़े से गर्म पानी के साथ लें। पेट दर्द में आराम मिलता है।
9. एक चम्मच शुद्ध घी में हरे धनियें का रस मिलाकर लेने से पेट के रोग ठीक होते हैं |
10. अदरक का रस और अरंडी का तेल मिलाकर दिन में 3 बार 1 चमच्च लेने से पेट दर्द ठीक होता है।
11. अदरक का रस 1 चम्मच, नींबू का रस 2 चम्मच लेकर थोडी सी शक्कर मिलाकर लेने से पेट दर्द में लाभ होगा। दिन में 2-3 बार ले सकते हैं।
12. अनार के बीज निकाल कर थोडी मात्रा में नमक और काली मिर्च का पाउडर डालें। और दिन में दो बार लेने से पेट दर्द में आराम मिलता है|